Chand

आज चंद देखो कितना हसीन है। 

पर उससे भी हसीन तेरा इश्क़ है। 

आज हर दुआ में जैसे फरिस्ते हमपे मुस्का रहे है। 

पर उन्हें क्या पता, तुझसे ना मलने की तरप मैं भी एक खुशी है।

तू वजूद है मेरा, तू ही मैनसिल हैं। 

तेरी एहसास में ही तो तेरी फकीरा की जन्नत है।

~ Suranya